अन्नपूर्णा प्रार्थना
Annapurna Prarthana — Lyrics & PDF
अन्नपूर्णा से ज्ञान और वैराग्य की प्रार्थना के दो श्लोक। यह संक्षिप्त प्रार्थना है, पूरा अन्नपूर्णा स्तोत्र नहीं।
Roman पाठ IAST लिप्यंतरण है, अंग्रेज़ी अनुवाद नहीं। ā, ī, ū लंबे स्वर हैं; ś/ṣ का प्रयोग श/ष के लिए है।
अन्नपूर्णे सदापूर्णे शङ्करप्राणवल्लभे। ज्ञानवैराग्यसिद्ध्यर्थं भिक्षां देहि च पार्वति॥
माता च पार्वती देवी पिता देवो महेश्वरः। बान्धवाः शिवभक्ताश्च स्वदेशो भुवनत्रयम्॥
annapūrṇe sadāpūrṇe śaṅkaraprāṇavallabhe| jñānavairāgyasiddhyarthaṃ bhikṣāṃ dehi ca pārvati||
mātā ca pārvatī devī pitā devo maheśvaraḥ| bāndhavāḥ śivabhaktāśca svadeśo bhuvanatrayam||
पारंपरिक अन्नपूर्णा स्तोत्र के समापन में प्रचलित श्लोक
पारंपरिक पाठ का स्वतंत्र टंकण। वर्तनी और पाठांतर संभव हैं। जहाँ फलश्रुति है, वह मूल भक्ति-पाठ का भाग है।
पाठ नीति पढ़ेंपाठ से जुड़े प्रश्न
अन्नपूर्णा प्रार्थना की PDF कैसे डाउनलोड करें?
ऊपर PDF डाउनलोड बटन चुनें। देवनागरी या Roman चुनने पर उसी लिपि की PDF मिलेगी।
क्या Roman पाठ अंग्रेज़ी अनुवाद है?
नहीं। यह IAST पद्धति में अक्षरों का लिप्यंतरण है, अर्थ का अनुवाद नहीं। हिंदी पदों में बोलचाल के उच्चारण और लिखित लिप्यंतरण में अंतर हो सकता है।
दूसरी पुस्तक में कुछ शब्द अलग क्यों हैं?
पारंपरिक पाठों में वर्तनी और मौखिक परंपरा के पाठांतर मिलते हैं। यहाँ स्रोत-परंपरा दी गई है; इसे किसी विशेष गायक की रिकॉर्डिंग का हूबहू प्रतिलेख न मानें।
