पाठ और स्रोत नीति
इस संग्रह में पारंपरिक रचनाओं का स्वतंत्र टंकण और संपादित प्रस्तुतीकरण है। हर पाठ पर उसकी ज्ञात रचना या परंपरा दी गई है। अनिश्चित लेखकीय संबंध को निश्चित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाता।
पाठांतर
ब्रज, अवधी, हिंदी, संस्कृत और मराठी की वर्तनी तथा मौखिक परंपराओं में भिन्नताएँ मिलती हैं। पाठ किसी खास गायक के आधुनिक संस्करण की नकल नहीं है। अर्थ, टिप्पणी और अनुवाद को मूल रचना से अलग माना जाता है।
अधिकार
प्राचीन मूल रचना और आधुनिक रिकॉर्डिंग, अनुवाद, चित्र अथवा संपादित संस्करण के अधिकार अलग हो सकते हैं। यहाँ कोई आधुनिक ऑडियो रिकॉर्डिंग या दूसरे प्रकाशक की तैयार PDF उपलब्ध नहीं कराई गई है। वेबसाइट की PDFs इसी संग्रह के पाठ से बनाई जाती हैं।
सुधार
किसी भिन्न पाठ की तुलना करते समय रचना का नाम, संबंधित पंक्ति और पुस्तक या प्रामाणिक स्रोत का संदर्भ साथ रखें। सुधार भेजने की उपलब्ध व्यवस्था संपर्क पृष्ठ पर देखें।
फलश्रुति
पारंपरिक पदों में वर्णित फल धार्मिक आस्था का हिस्सा हैं। परिचय में इन्हें चिकित्सा, आर्थिक या अन्य सुनिश्चित परिणामों के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाता।
