ऐसो को उदार जग माहीं
Aiso Ko Udar Jag Mahin — Lyrics & PDF
शबरी, जटायु और विभीषण के प्रसंगों से श्रीराम की करुणा का स्मरण करने वाला तुलसीदास का भजन।
Roman पाठ IAST लिप्यंतरण है, अंग्रेज़ी अनुवाद नहीं। ā, ī, ū लंबे स्वर हैं; ś/ṣ का प्रयोग श/ष के लिए है।
ऐसो को उदार जग माहीं। बिनु सेवा जो द्रवै दीन पर राम सरिस कोउ नाहीं॥
जो गति जोग बिराग जतन करि नहिं पावत मुनि ग्यानी। सो गति देत गीध सबरी कहँ प्रभु न बहुत जिय जानी॥
जो संपति दस सीस अरप करि रावन सिव पहँ लीन्हीं। सो संपदा बिभीषन कहँ अति सकुच-सहित हरि दीन्हीं॥
तुलसिदास सब भाँति सकल सुख जो चाहसि मन मेरो। तौ भजु राम, काम सब पूरन करैं कृपिनिधि तेरो॥
aiso ko udāra jaga māhīṃ| binu sevā jo dravai dīna para rāma sarisa kou nāhīṃ||
jo gati joga birāga jatana kari nahiṃ pāvata muni gyānī| so gati deta gīdha sabarī kaha~ prabhu na bahuta jiya jānī||
jo saṃpati dasa sīsa arapa kari rāvana siva paha~ līnhīṃ| so saṃpadā bibhīṣana kaha~ ati sakuca-sahita hari dīnhīṃ||
tulasidāsa saba bhā~ti sakala sukha jo cāhasi mana mero| tau bhaju rāma, kāma saba pūrana karaiṃ kṛpinidhi tero||
गोस्वामी तुलसीदास, विनय-पत्रिका। प्रचलित मूल पद; संदर्भ के स्पष्ट टंकण-दोष गति, अरप और सो के रूप में सुधारे गए हैं।
पाठ संदर्भ: विनय-पत्रिका पद
पारंपरिक पाठ का स्वतंत्र टंकण। वर्तनी और पाठांतर संभव हैं। जहाँ फलश्रुति है, वह मूल भक्ति-पाठ का भाग है।
पाठ नीति पढ़ेंपाठ से जुड़े प्रश्न
ऐसो को उदार जग माहीं की PDF कैसे डाउनलोड करें?
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क्या Roman पाठ अंग्रेज़ी अनुवाद है?
नहीं। यह IAST पद्धति में अक्षरों का लिप्यंतरण है, अर्थ का अनुवाद नहीं। हिंदी पदों में बोलचाल के उच्चारण और लिखित लिप्यंतरण में अंतर हो सकता है।
दूसरी पुस्तक में कुछ शब्द अलग क्यों हैं?
पारंपरिक पाठों में वर्तनी और मौखिक परंपरा के पाठांतर मिलते हैं। यहाँ स्रोत-परंपरा दी गई है; इसे किसी विशेष गायक की रिकॉर्डिंग का हूबहू प्रतिलेख न मानें।
