ॐ जय जगदीश हरे
Om Jai Jagdish Hare — Lyrics & PDF
विष्णु-जगदीश की यह आरती भक्ति, आश्रय और समर्पण की प्रार्थना है। यहाँ प्रचलित सात अंतरों वाला पाठ दिया गया है।
Roman पाठ IAST लिप्यंतरण है, अंग्रेज़ी अनुवाद नहीं। ā, ī, ū लंबे स्वर हैं; ś/ṣ का प्रयोग श/ष के लिए है।
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का। सुख संपत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय जगदीश हरे॥
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी। तुम बिन और न दूजा, आस करूँ मैं जिसकी॥ ॐ जय जगदीश हरे॥
तुम पूरण परमात्मा, तुम अंतर्यामी। पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय जगदीश हरे॥
तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता। मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय जगदीश हरे॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति। किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय जगदीश हरे॥
दीनबंधु दुःखहर्ता, ठाकुर तुम मेरे। अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय जगदीश हरे॥
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय जगदीश हरे॥
oṃ jaya jagadīśa hare, svāmī jaya jagadīśa hare| bhakta janoṃ ke saṃkaṭa, kṣaṇa meṃ dūra kare||
jo dhyāve phala pāve, duḥkha binase mana kā| sukha saṃpatti ghara āve, kaṣṭa miṭe tana kā|| oṃ jaya jagadīśa hare||
māta-pitā tuma mere, śaraṇa gahū~ maiṃ kisakī| tuma bina aura na dūjā, āsa karū~ maiṃ jisakī|| oṃ jaya jagadīśa hare||
tuma pūraṇa paramātmā, tuma aṃtaryāmī| pārabrahma parameśvara, tuma sabake svāmī|| oṃ jaya jagadīśa hare||
tuma karuṇā ke sāgara, tuma pālanakartā| maiṃ mūrakha khala kāmī, kṛpā karo bhartā|| oṃ jaya jagadīśa hare||
tuma ho eka agocara, sabake prāṇapati| kisa vidhi milū~ dayāmaya, tumako maiṃ kumati|| oṃ jaya jagadīśa hare||
dīnabaṃdhu duḥkhahartā, ṭhākura tuma mere| apane hātha uṭhāo, dvāra par̤ā tere|| oṃ jaya jagadīśa hare||
viṣaya vikāra miṭāo, pāpa haro devā| śraddhā bhakti bar̤hāo, saṃtana kī sevā|| oṃ jaya jagadīśa hare||
पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी से संबद्ध पारंपरिक आरती
पारंपरिक पाठ का स्वतंत्र टंकण। वर्तनी और पाठांतर संभव हैं। जहाँ फलश्रुति है, वह मूल भक्ति-पाठ का भाग है।
पाठ नीति पढ़ेंपाठ से जुड़े प्रश्न
ॐ जय जगदीश हरे की PDF कैसे डाउनलोड करें?
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क्या Roman पाठ अंग्रेज़ी अनुवाद है?
नहीं। यह IAST पद्धति में अक्षरों का लिप्यंतरण है, अर्थ का अनुवाद नहीं। हिंदी पदों में बोलचाल के उच्चारण और लिखित लिप्यंतरण में अंतर हो सकता है।
दूसरी पुस्तक में कुछ शब्द अलग क्यों हैं?
पारंपरिक पाठों में वर्तनी और मौखिक परंपरा के पाठांतर मिलते हैं। यहाँ स्रोत-परंपरा दी गई है; इसे किसी विशेष गायक की रिकॉर्डिंग का हूबहू प्रतिलेख न मानें।
