शान्ताकारं भुजगशयनम्
Shantakaram Bhujaga Shayanam — Lyrics & PDF
शांत स्वरूप, शेषशायी और कमलनयन विष्णु का ध्यान। यह ध्यान श्लोक है, पूरा विष्णुसहस्रनाम नहीं।
Roman पाठ IAST लिप्यंतरण है, अंग्रेज़ी अनुवाद नहीं। ā, ī, ū लंबे स्वर हैं; ś/ṣ का प्रयोग श/ष के लिए है।
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
śāntākāraṃ bhujagaśayanaṃ padmanābhaṃ sureśaṃ viśvādhāraṃ gaganasadṛśaṃ meghavarṇaṃ śubhāṅgam| lakṣmīkāntaṃ kamalanayanaṃ yogibhirdhyānagamyaṃ vande viṣṇuṃ bhavabhayaharaṃ sarvalokaikanātham||
विष्णुसहस्रनाम के ध्यान में प्रचलित श्लोक
पारंपरिक पाठ का स्वतंत्र टंकण। वर्तनी और पाठांतर संभव हैं। जहाँ फलश्रुति है, वह मूल भक्ति-पाठ का भाग है।
पाठ नीति पढ़ेंपाठ से जुड़े प्रश्न
शान्ताकारं भुजगशयनम् की PDF कैसे डाउनलोड करें?
ऊपर PDF डाउनलोड बटन चुनें। देवनागरी या Roman चुनने पर उसी लिपि की PDF मिलेगी।
क्या Roman पाठ अंग्रेज़ी अनुवाद है?
नहीं। यह IAST पद्धति में अक्षरों का लिप्यंतरण है, अर्थ का अनुवाद नहीं। हिंदी पदों में बोलचाल के उच्चारण और लिखित लिप्यंतरण में अंतर हो सकता है।
दूसरी पुस्तक में कुछ शब्द अलग क्यों हैं?
पारंपरिक पाठों में वर्तनी और मौखिक परंपरा के पाठांतर मिलते हैं। यहाँ स्रोत-परंपरा दी गई है; इसे किसी विशेष गायक की रिकॉर्डिंग का हूबहू प्रतिलेख न मानें।
