कृष्णाय वासुदेवाय
Krishnaya Vasudevaya — Lyrics & PDF
कुंती की स्तुति का एक श्लोक, जिसमें कृष्ण, वासुदेव, देवकीनंदन, नंदगोपकुमार और गोविंद को नमन है।
Roman पाठ IAST लिप्यंतरण है, अंग्रेज़ी अनुवाद नहीं। ā, ī, ū लंबे स्वर हैं; ś/ṣ का प्रयोग श/ष के लिए है।
कृष्णाय वासुदेवाय देवकीनन्दनाय च। नन्दगोपकुमाराय गोविन्दाय नमो नमः॥
kṛṣṇāya vāsudevāya devakīnandanāya ca| nandagopakumārāya govindāya namo namaḥ||
श्रीमद्भागवत १.८.२१; कुंती स्तुति
पारंपरिक पाठ का स्वतंत्र टंकण। वर्तनी और पाठांतर संभव हैं। जहाँ फलश्रुति है, वह मूल भक्ति-पाठ का भाग है।
पाठ नीति पढ़ेंपाठ से जुड़े प्रश्न
कृष्णाय वासुदेवाय की PDF कैसे डाउनलोड करें?
ऊपर PDF डाउनलोड बटन चुनें। देवनागरी या Roman चुनने पर उसी लिपि की PDF मिलेगी।
क्या Roman पाठ अंग्रेज़ी अनुवाद है?
नहीं। यह IAST पद्धति में अक्षरों का लिप्यंतरण है, अर्थ का अनुवाद नहीं। हिंदी पदों में बोलचाल के उच्चारण और लिखित लिप्यंतरण में अंतर हो सकता है।
दूसरी पुस्तक में कुछ शब्द अलग क्यों हैं?
पारंपरिक पाठों में वर्तनी और मौखिक परंपरा के पाठांतर मिलते हैं। यहाँ स्रोत-परंपरा दी गई है; इसे किसी विशेष गायक की रिकॉर्डिंग का हूबहू प्रतिलेख न मानें।
