पग घुँघरू बाँध मीरा नाची रे
Pag Ghungroo Bandh Meera Nachi Re — Lyrics & PDF
लोकलाज से ऊपर कृष्ण-प्रेम को रखने वाली मीरा का पद। यहाँ संक्षिप्त पारंपरिक पाठ है; आधुनिक गायकों के जोड़े हुए अंतरे शामिल नहीं हैं।
Roman पाठ IAST लिप्यंतरण है, अंग्रेज़ी अनुवाद नहीं। ā, ī, ū लंबे स्वर हैं; ś/ṣ का प्रयोग श/ष के लिए है।
पग घुँघरू बाँध मीरा नाची रे।
मैं तो मेरे नारायण की, आपहि हो गई दासी रे। लोग कहें मीरा भई बावरी, सास कहे कुलनासी रे॥
विष का प्याला राणा जी भेज्या, पीवत मीरा हाँसी रे। तन मन वार्या हरि चरणन में, दर्शन अमृत प्यासी रे॥
मीरा के प्रभु गिरधर नागर, थारी सरणाँ आसी रे। पग घुँघरू बाँध मीरा नाची रे॥
paga ghu~gharū bā~dha mīrā nācī re|
maiṃ to mere nārāyaṇa kī, āpahi ho gaī dāsī re| loga kaheṃ mīrā bhaī bāvarī, sāsa kahe kulanāsī re||
viṣa kā pyālā rāṇā jī bhejyā, pīvata mīrā hā~sī re| tana mana vāryā hari caraṇana meṃ, darśana amṛta pyāsī re||
mīrā ke prabhu giradhara nāgara, thārī saraṇā~ āsī re| paga ghu~gharū bā~dha mīrā nācī re||
मीराबाई; पारंपरिक पद का एक प्रचलित पाठ
पारंपरिक पाठ का स्वतंत्र टंकण। वर्तनी और पाठांतर संभव हैं। जहाँ फलश्रुति है, वह मूल भक्ति-पाठ का भाग है।
पाठ नीति पढ़ेंपाठ से जुड़े प्रश्न
पग घुँघरू बाँध मीरा नाची रे की PDF कैसे डाउनलोड करें?
ऊपर PDF डाउनलोड बटन चुनें। देवनागरी या Roman चुनने पर उसी लिपि की PDF मिलेगी।
क्या Roman पाठ अंग्रेज़ी अनुवाद है?
नहीं। यह IAST पद्धति में अक्षरों का लिप्यंतरण है, अर्थ का अनुवाद नहीं। हिंदी पदों में बोलचाल के उच्चारण और लिखित लिप्यंतरण में अंतर हो सकता है।
दूसरी पुस्तक में कुछ शब्द अलग क्यों हैं?
पारंपरिक पाठों में वर्तनी और मौखिक परंपरा के पाठांतर मिलते हैं। यहाँ स्रोत-परंपरा दी गई है; इसे किसी विशेष गायक की रिकॉर्डिंग का हूबहू प्रतिलेख न मानें।
