Bhajan Lyricsभजन के बोल और PDF
कृष्ण • भजन

मैया मैं नहिं माखन खायो

Maiya Main Nahin Makhan Khayo — Lyrics & PDF

माखन खाने की शिकायत पर बालकृष्ण और यशोदा के संवाद का भजन। यह भोर भयो से आगे बढ़ने वाला पारंपरिक पद है।

↓ PDF डाउनलोड / Download PDF
24

मैया मैं नहि माखन खायो।

भोर भयो गैयन के पाछे, मधुबन मोहि पठायो। चार पहर बंसीवट भटक्यो, साँझ परे घर आयो॥

मैं बालक बहियन को छोटो, छीको केहि बिधि पायो। ग्वाल-बाल सब बैर परे हैं, बरबस मुख लपटायो॥

तू माता मन की अति भोरी, इनके कहे पतियायो। जिय तेरे कछु भेद उपजि हैं, जानि परायो जायो॥

ये ले अपनी लकुटि कमरिया, बहुतहिं नाच नचायो। सूरदास तब बिर्हसि जसोदा, लै उर कंठ लगायो॥

रचना और पाठ-परंपरा

सूरदास का ब्रजभाषा पद। भोर भयो गैयन के पाछे वाला पाठांतर।
पाठ संदर्भ: सूरदास का पद

पारंपरिक पाठ का स्वतंत्र टंकण। वर्तनी और पाठांतर संभव हैं। जहाँ फलश्रुति है, वह मूल भक्ति-पाठ का भाग है।

पाठ नीति पढ़ें

पाठ से जुड़े प्रश्न

मैया मैं नहिं माखन खायो की PDF कैसे डाउनलोड करें?

ऊपर PDF डाउनलोड बटन चुनें। देवनागरी या Roman चुनने पर उसी लिपि की PDF मिलेगी।

क्या Roman पाठ अंग्रेज़ी अनुवाद है?

नहीं। यह IAST पद्धति में अक्षरों का लिप्यंतरण है, अर्थ का अनुवाद नहीं। हिंदी पदों में बोलचाल के उच्चारण और लिखित लिप्यंतरण में अंतर हो सकता है।

दूसरी पुस्तक में कुछ शब्द अलग क्यों हैं?

पारंपरिक पाठों में वर्तनी और मौखिक परंपरा के पाठांतर मिलते हैं। यहाँ स्रोत-परंपरा दी गई है; इसे किसी विशेष गायक की रिकॉर्डिंग का हूबहू प्रतिलेख न मानें।