श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
Shri Krishna Govind Hare Murari — Lyrics & PDF
श्रीकृष्ण और नारायण के नामों की मूल दो-पंक्ति टेक। इसे संकीर्तन में दोहराया जाता है। रवींद्र जैन और अन्य आधुनिक संस्करणों के अतिरिक्त अंतरे इसमें शामिल नहीं हैं।
Roman पाठ IAST लिप्यंतरण है, अंग्रेज़ी अनुवाद नहीं। ā, ī, ū लंबे स्वर हैं; ś/ṣ का प्रयोग श/ष के लिए है।
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी। हे नाथ नारायण वासुदेवा॥
śrī kṛṣṇa goviṃda hare murārī| he nātha nārāyaṇa vāsudevā||
पारंपरिक कृष्ण नाम-संकीर्तन की मूल टेक।
पाठ संदर्भ / Text reference
पारंपरिक पाठ का स्वतंत्र टंकण। वर्तनी और पाठांतर संभव हैं। जहाँ फलश्रुति है, वह मूल भक्ति-पाठ का भाग है।
पाठ नीति पढ़ेंपाठ से जुड़े प्रश्न
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी की PDF कैसे डाउनलोड करें?
ऊपर PDF डाउनलोड बटन चुनें। देवनागरी या Roman चुनने पर उसी लिपि की PDF मिलेगी।
क्या Roman पाठ अंग्रेज़ी अनुवाद है?
नहीं। यह IAST पद्धति में अक्षरों का लिप्यंतरण है, अर्थ का अनुवाद नहीं। हिंदी पदों में बोलचाल के उच्चारण और लिखित लिप्यंतरण में अंतर हो सकता है।
दूसरी पुस्तक में कुछ शब्द अलग क्यों हैं?
पारंपरिक पाठों में वर्तनी और मौखिक परंपरा के पाठांतर मिलते हैं। यहाँ स्रोत-परंपरा दी गई है; इसे किसी विशेष गायक की रिकॉर्डिंग का हूबहू प्रतिलेख न मानें।
